नई दिल्ली: श्रीलंका ए के खिलाफ भारत ए को मुश्किल से निकाला बाहर, IPL स्टार वैभव से थीं बड़ी उम्मीदें, लेकिन ऋतुराज गायकवाड़ ने लूट ली महफिल
श्रीलंका में खेली जा रही त्रिकोणीय सीरीज के पहले मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों की नजरें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद हर कोई उनकी बल्लेबाजी देखने को उत्सुक था, लेकिन मैच में असली हीरो ऋतुराज गायकवाड़ बनकर उभरे। उनके शानदार शतक की बदौलत भारत ए ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया।
तेज शुरुआत के बाद जल्दी आउट हुए वैभव
भारत ए की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने पारी की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने शुरुआती ओवरों में कुछ आकर्षक चौके लगाए और टीम को तेज शुरुआत दिलाने की कोशिश की। हालांकि उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी और वह 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनके आउट होने के बाद भारत ए की बल्लेबाजी दबाव में आ गई।
शुरुआती झटकों से लड़खड़ाई भारत ए
वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के तुरंत बाद प्रभसिमरन सिंह भी सस्ते में पवेलियन लौट गए। महज 17 रन के भीतर दो विकेट गिरने से भारत ए मुश्किल में दिखाई देने लगी। ऐसे समय में टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी।
ऋतुराज और तिलक ने संभाली पारी
क्रीज पर आए ऋतुराज गायकवाड़ ने धैर्य और समझदारी के साथ बल्लेबाजी की। दूसरे छोर पर कप्तान तिलक वर्मा ने भी उनका अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने विकेट बचाने के साथ-साथ रन गति को भी बनाए रखा और टीम को संकट से बाहर निकाला।
दोनों के बीच 150 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख बदल दिया। तिलक वर्मा ने 60 रन की जिम्मेदार पारी खेली, जबकि ऋतुराज लगातार श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाते रहे।
शानदार शतक के साथ चमके ऋतुराज
ऋतुराज गायकवाड़ ने संयम और क्लास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 114 गेंदों में 101 रन बनाए। उनकी पारी में कई शानदार चौके और छक्के शामिल रहे। यह शतक ऐसे समय आया जब टीम शुरुआती संकट से जूझ रही थी और उसे एक बड़े स्कोर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ऋतुराज के कंधों पर थी।
निचले क्रम ने दिया तेज फिनिश
अंतिम ओवरों में सूर्यांश शेडगे और आयुष बडोनी ने तेजी से रन जुटाकर भारत ए के स्कोर को मजबूत किया। उनकी उपयोगी पारियों की मदद से टीम ने 50 ओवर में 277 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
चर्चा वैभव की, लेकिन शो ऋतुराज के नाम
मैच से पहले वैभव सूर्यवंशी को लेकर काफी उत्साह था, लेकिन मुकाबले में सबसे ज्यादा प्रभावित ऋतुराज गायकवाड़ ने किया। उनके शतक ने साबित कर दिया कि अनुभव और धैर्य बड़े मैचों में कितने महत्वपूर्ण होते हैं। भारत ए के लिए यह पारी सिर्फ एक शतक नहीं, बल्कि संकट से उबारने वाली कप्तानी जैसी बल्लेबाजी साबित हुई।